The King Who Limped 9th English Literature book
prepared by Daya Sir Story :- यह एक साधारण-सा हास्यरस का नाटक है। यह ऐसे लोगों का मजाक उड़ाता है जो चापलूसी के द्वारा दूसरों को खुश करने की कोशिश करते हैं। उन्हें ‘जी-हजूर’ या ‘चमचे’ कहा जाता है। इस तरह के लोग उस पदवी के पात्र नहीं होते जहां वे लगे होते हैं। अपनी पदवी को बनाए रखने के लिए वे चापलूसी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। किन्तु एक बुद्धिमान व्यक्ति उनकी दुष्टता को तुरन्त समझ जाता है और उन्हें स्वयं से दूर रखता है। इस नाटक में एक नया राजा अपने दरबार में एक हास्यजनक टोप पहने हुए और लंगड़ाते हुए आता है। वह देखना चाहता है कि क्या उसके दरबार में कोई चापलूस किस्म के लोग हैं। राजा को प्रसन्न करने के लिए उसका प्रधान मंत्री, और प्रधान धर्माधिकारी (राजपुरोहित) और एक मोटी-सी दरबारी सेविका भी लंगड़ाने लगते हैं। वे उस तरह के टोप भी मंगवा लेते हैं जो कि राजा पहने हुए है। राजा को तुरन्त पता चल जाता है कि इन लोगों में बिल्कुल कोई योग्यता नहीं है। उन्हें एक साधारण-सी समस्या का समाधान करना भी नहीं आता है। राजा इन चापलूसों को उनके पदों से हटा देता है। वह उन लोगों को नियुक्त...